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श्री साईं सच्चरित्र संदेश
"तुम्हें अपने शुभ अशुभ कर्मो का फल अवश्य ही भोगना चाहिए I यदि भोग अपूर्ण रह गया तो पुनजन्म धारण करना पड़ेगा, इसलिये मृत्यु से यह श्रेयस्कर है कि कुछ काल तक उन्हें सहन कर पूर्व जन्मों के कर्मों का भोग समाप्त कर सदेव के लिये मुक्त हो जाओ" I
"जो मुझे प्रेम से पुकारता है उसके सन्मुख मै अवलिम्ब प्रगट हो जाता हूँ" |
Sunday, April 12, 2015
Thursday, April 9, 2015
Wednesday, March 25, 2015
Thursday, March 12, 2015
Friday, March 6, 2015
Wednesday, March 4, 2015
Tuesday, February 17, 2015
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